Noida Rain: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक जारी रही, जिसके चलते कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब भर गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई कॉलोनियों और गांवों में सीवर का पानी घरों तक पहुंच गया। कंपनी की ढही दीवार इसी बीच सेक्टर-63 में एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां ई-45 स्थित एक कंपनी की बाहरी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश और कंपनी के पास बनी नाली के जाम होने से बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया था। जलभराव के दबाव के कारण दीवार कमजोर पड़ गई और देखते ही देखते ढह गई। हादसे के समय आसपास लोगों की आवाजाही थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि दीवार गिरने से कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया। इस वजह से किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि दीवार गिरने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया। जांच में जुटा प्रशासन घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-63 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कराया और स्थानीय प्रशासन को भी घटना की जानकारी दी। अब यह जांच की जा रही है कि दीवार गिरने की वजह केवल जलभराव था या निर्माण और रखरखाव में भी कोई लापरवाही हुई। लगातार बारिश के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होने से कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को घरों में घुसे पानी और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझना पड़ा। जलनिकासी पर उठे सवाल प्रशासन जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और यातायात सामान्य करने के प्रयास में जुटा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।